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कहाँ झूठे दिलासों से मुझे आराम आएगा ( Urdu Ghazal )

कहाँ झूठे दिलासों से मुझे आराम आएगा। सुकूं दिल को मिलेगा जब तेरा पैग़ाम आएगा।। लबों पर आह है दिल में ख़लिश आंखों में वीरानी। अग़र आग़ाज़ ऐसा है तो क्या अंज़ाम आएगा।। मना...