प्रेम तू छिपा है कहाँ – Hindi Ghazal by Manju

प्रेम तू छिपा है कहाँ ऐ साकी कुछ दर्द पिला तभी मजा है पीने में , वरणा इस दुनियाँ में यारों मजा कहाँ है जीने में। कर इनायत प्रेम की अब ये दिल बेजार...