बदलाव आजकल

बदलाव आजकल अरमान और अल्फाज़ बदल जाते हैं , कभी-कभी बेसुध भी गिरकर संभल जाते हैं , चमक सितारों की महफूज़ नहीं रहती , जब बादल अपने घर से निकल जाते हैं । मगरूर...