आया बसंत मनभावन- Hindi Poem by कुसुम कोठारी

आया बसंत मनभावन हरि आओ ना। राधा हारी कर पुकार हिय दहलीज पर बैठे हैं, निर्मोही नंद कुमार कालिनी कूल खरी गाये हरि आओ ना। फूल फूल डोलत तितलियां कोयल गाये मधु रागनियां मयूर...