शहीदों की शहादत पर SAD Hindi Poem By Manju

कलम ने आज लिखने से इंकार कर दिया। स्याही ने आज अपना रंग लाल कर दिया। चीथड़ों में उड़ गए हमारे देश भक्त यहां, उनके बलिदान ने देश को गुलाम कर दिया। कभी न...