Tagged: मंजू भारद्वाज

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मैं मांगती रही खुदा से तुम्हें आशिर्वाद की तरह

मैं मांगती रही खुदा से तुम्हें आशिर्वाद की तरह , तुम सरे आम बंटते रहे प्रसाद की तरह। चाहत तेरी थी अब किस अंदाज में कहें, जब जब हंसना चाहा आँसू निकल पड़े। तेरी...