Tagged: प्रभु का घर

0

कविता – प्रभु का घर

“प्रभु का घर” एक बात अंदर ही अंदर बङी कचोटती है मुझे हे प्रभु जब तालों में बंद हुआ देखती हूँ तुझे जो सर्व शक्तिमान है जिसनें रचा ये जहान है उस परम आद्य...