Horror Motavational Story in Hindi | Ek Haveli

रामपुर नामक गांव में एक बहुत पुरानी हवेली थी जहाँ पर लोगों का मानना था कि वहा पर भूत-प्रेत रहते हैं, और इसी डर कि वजह से उस हवेली में उस गांव का कोई भी इंसान जाता नहीं था।

उनका ये विसवास और भी दृढ़ और मजबूत हो गया जब उस हवेली में 10 लोग गये और कभी भी लौट कर वापस नहीं आये।

गाँव में एक लड़का था जो इन सब चीजों से अंजान था, लेकिन जब उसको इस हवेली के बारे में पता चला तो उसने उस हवेली में जाकर सच्चाई का पता लगाने का निर्णय लिया।

और एक दिन वो हवेली कि तरफ जा ही रहा था कि वहा कुछ लोगों ने उसे देख लिया और उसको वहा से डराकर वापस भेज दिया।

लेकिन उसका मन मान नहीं रहा था क्यूँकि उसने इस बात को अपने दिलो-दिमाग में बिठा लिया था कि मुझे उस हवेली के अंदर जाकर सच्चाई का पता लगाना ही है।

और दूसरे दिन वो किसी को बताये बिना हवेली के अंदर घुस गया, उसके हवेली के अंदर घुसते ही जिस दरवाजे से वो अंदर आया था वो अपने आप बंद हो गया, वो थोड़ा डर गया लेकिन उसने हार नहीं मानी और आगे बढ़ता रहा।

जैसे वो चार क़दम आगे बढ़ा तैसे उसको महसूस हुआ कि उसके पीछे कोई आ रहा है, वो पीछे मुड़कर देखता कि उससे पहले ही किसी ने खूब जोर का धक्का देकर उसे गिरा दिया।

लेकिन उसने अब भी हार नही मानी और आगे बढ़ता गया, थोड़ी देर बाद फिर उसे महसूस हुआ कि उसके पीछे कोई आ रहा है और तुरंत उसने पीछे मुड़कर देखा तो उसको वहा पर 10 लोग दिखे और वो उन्हे देखकर डर गया।

हवेली के अंदर से ही एक गुफा निकलती थी।

लड़के को वो दस लोग पकड़कर गुफा के जरिये एक ऐसी जगह पर लेकर गये जहाँ पर उसको दुनिया की हर छोटी से बड़ी चीजें देखने को मिली। ऐसा लग रहा था कि दुनिया में अगर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है।

सोने-चांदी, हीरे-जवाहरात से लेकर खाने पीने जैसे इत्यादि तरह की हर चीजें वहा पर उपलब्ध थीं।

मतलब उसको वहा पर वो सब कुछ चीजें देखने को मिली जो सायद बाहर कि दुनिया में उसने कहीं पर भी नही देखा होगा।

उन सबने लड़के को उस हवेली की सारी सच्चाई बताई कि तुम्हारे जैसे हम भी यहाँ पर आये थे लेकिन हमें यहां इतना कुछ मिल गया कि हमारा कभी बाहर जाने का मन ही नहीं किया और इसीलिये जब कोई हवेली के अंदर आने की कोशिश करता है तो हम उसे भूत बनके डराकर भगा देते हैं।

लेकिन जब तुम्हें हमने बहुत डराने कि कोशिश की तो तुम डरे नहीं और इसीलिये हम तुम्हें यहां ले आये।

और अब उन सबकी तरह वो लड़का भी वही पर रहने लगा ऐसो-आराम के साथ और वो भी फिर कभी भी लौट कर वापस बाहर नहीं गया।

लड़के के बाहर लौटकर न आने पर गाँव वालो का विस्वास और भी पक्का हो गया और उनमें से फिर किसी ने भी उस हवेली की तरफ जाने कि कोशिश नहीं की।

सीख:

जब हम कोई नया कम शुरू करने जाते है । उसे देखकर लोग तरह तरह की टिपण्णी करते है और आपको किसी नये काम को शुरू करने मै बाधा डाल देते हैं । लोग जाने बात को जाने बिना उसका नतीजा निकाल देते है । और कोई लोग इस लड़के की तरह होते जो बिना लोगो की बातो की पपरवाह किये अपने लक्ष्य को प्राप्त करते है ।

तो इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है की हमे अपने निर्णय खुद ही लेने चाहिए नाकि लोगो के कहने पर ।

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