Category: Ritu Soni Hindi Poet

एक रस होने की आस Beautiful Hindi Poem By Ritu Soni 0

एक रस होने की आस Beautiful Hindi Poem By Ritu Soni

एक रस होने की आस वो पूर्ण शक्ति जब बिखर गया, कण-कण में  सिमट गया , तब हुआ इस जग का निर्माण, वो परमपिता सृजनकर्ता जो, नित्य सूर्य बन अपनी किरणो से, नव स्फूर्ति का...