Category: Inspirational Poem Hindi

इंसान जाने कहां खो गये- हिंदी कविता 0

इंसान जाने कहां खो गये- हिंदी कविता

इंसान जाने कहां खो गये- “जाने क्यूंअब शर्म से, चेहरे गुलाब नही होते।जाने क्यूंअब मस्त मौला मिजाज नही होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।जाने क्यूंअब चेहरे, खुली किताब नही होते। सुना...