Category: Hindi Poetry

Hindi Poetry- जाने किस कशमकश में जिंदगी गुजरती जा रही है !! 0

Hindi Poetry- जाने किस कशमकश में जिंदगी गुजरती जा रही है !!

जाने किस कशमकश में जाने किस कश्मकश में, जिंदगी गुजरती जा रही है, न जाने मैं अपना न पाई या, जिंदगी मुझे आजमाती रही, बहुत हीं कच्ची डोर में, ये पतंग फँसी हुई है, न...

इंसान जाने कहां खो गये- हिंदी कविता 0

इंसान जाने कहां खो गये- हिंदी कविता

इंसान जाने कहां खो गये- “जाने क्यूंअब शर्म से, चेहरे गुलाब नही होते।जाने क्यूंअब मस्त मौला मिजाज नही होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।जाने क्यूंअब चेहरे, खुली किताब नही होते। सुना...

रुहों का मिलन- Divine Love Hindi Poetry 0

रुहों का मिलन- Divine Love Hindi Poetry

रुहों का मिलन दो रुह यूँ घुल – मिल जाएँ ,जैसे दिन- रात मिलें ,तो साँझ बन जाए ,ख्यालों में यूँ खो जाएँ ,कि अक्स अपना देखें ,और दूजा नज़र आ जाए ,रंग -रुप...

एक रस होने की आस Beautiful Hindi Poem By Ritu Soni 0

एक रस होने की आस Beautiful Hindi Poem By Ritu Soni

एक रस होने की आस वो पूर्ण शक्ति जब बिखर गया, कण-कण में  सिमट गया , तब हुआ इस जग का निर्माण, वो परमपिता सृजनकर्ता जो, नित्य सूर्य बन अपनी किरणो से, नव स्फूर्ति का...

उम्मीदों की कोंपल (कविता) 0

उम्मीदों की कोंपल (कविता)

उम्मीदों की कोंपल मन की पीड़ा , क्यों थाम लेती है अश्को को दामन अंखियो से लगती है झड़ी जैसे सावन की | रिश्तो की बगिया में आ गया मौसम क्यों पतझड़ का ,...

परिंदे – हिन्दी कविता 0

परिंदे – हिन्दी कविता

परिंदे  (Parinde) कभी – कभी सोचता हूँ  क्या होता होगा उन परिंदों का , जिनके घर नहीं होते , राह तो होती है , मगर सफर नहीं होते , लगता है शाम को ही...

एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती हैं।- दिल छू लेने वाली कविता 0

एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती हैं।- दिल छू लेने वाली कविता

एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती है, तो मानो अंधेरा छट जाता हैं। सारा संसार रोशनमय हो जाता हैं। एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती है, तो राहगीरों को राह दिखाती हैं। भूलें-बिसरें को...

मैं एक नारी हूं- नारी पर कविता 0

मैं एक नारी हूं- नारी पर कविता

  मैं एक नारी हूं रात के अंधेरे में निकलने से अब डर लगता है, कहीं अंधेरे में कुछ अनहोनी हो गई तो, कल कटघेरे में सर झुकाकर मैं रहूंगी, मेरा गुनेहगार खुले आम...