Category: Hindi Poems

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मीरा – तुम मुझे बेहद पंसद हो Hindi Poetry

मीरा  तुम मुझे बेहद पंसद हो इसलिये नहीं कि तुम कृष्ण भक्त हो पसंद हो क्यूँकि स्त्री इतिहास में तुम एक सशक्त स्त्री हो महल बना पिंजरा सोने का सांमती युग की थी मनमानी...

चुप्पी 1

चुप्पी Hindi Poem By Radha Thakur

चुप्पी चुप्पी मान दिलाती है सम्मान दिलाती है । चुप्पी डर जैसी , खुदगर्ज होती है । चुप्पी गुस्से को पिघलाती मासुमियत-सी होती है । चुप्पी इन्साफ नहीं करती खौफनाक मंजर दिखलाती है ।...

वासना की नजर… The Best Hindi Poetry 0

वासना की नजर… The Best Hindi Poetry

वासना की नजर…. वासना हैं तुम्हारे नजर में तो मैं क्या क्या ढकुं,तु हि बता क्या करूँ कि चैन कि जिन्दगी जी सकूँ,साड़ी पहनती हूँ तो तुझे मेरी कमर दिखती हैं, चलती हूँ तो मेरे...

ऐसा वक्त कहाँ से लाऊँ 0

ऐसा वक्त कहाँ से लाऊँ

ऐसा वक्त कहाँ से लाऊँ  – Hindi-Urdu Poetry वेफिकरी की अलसाई सी उजली सुबहें काली रातें हकलाने की तुतलाई सी आधी और अधूरी बातें आंगन में फिर लेट रात को चमकीले से तारे गिनना सुबह...

खून के निशान- कविता 0

खून के निशान- कविता

बड़े मशहूर इस शहर के सुंदर कोने में एक मकान है | मकान की बगल की रेट पर कुछ लहू के निशान है | वो चंद बुँदे खून की जमीन में समाना चाहती है...

माँ पर कुछ पंक्तियाँ 0

माँ पर कुछ पंक्तियाँ

राहों में कभी अगर मैं गुम हो गया तो हाथ पकड़ कर तुने रास्ता दिखाया रातों में कभी अगर सो न पाया तो लोरी सुना कर तुने मुझको सुलाया दुनिया में कभी अगर अपनों...

नई शुरुआत – सुबह की प्रेरणादायक कविता 0

नई शुरुआत – सुबह की प्रेरणादायक कविता

नई शुरुआत  वो चिड़िया का मीठा गुंजन  सुबह की हवा का स्पंदन बौराए पेड़ो का मस्ती में झुलना  सुर का यु मचलना  मेरे अलसाए मन को छेड़ गया  कुछ कानो में कह गया  उतार...

पेड़ का साथ- हिंदी कविता 0

पेड़ का साथ- हिंदी कविता

जीवन का अन्त होगा जब, छोटी बड़ी श्रंखलाएँ टूटेगीं सब, न कोई नाता न रिश्ता, कलम कागज भी साथ नही जाएँगे जब, तब साथ जाएगा वह, जिसने देखे कई पतझड़ अपने जीवन में, तूफान...

जीवन का संबंध – हिंदी कविता 0

जीवन का संबंध – हिंदी कविता

जीवन का संबंध जन्म से मृत्यु तक का सफर जीवन ही है जीवन में सबसे बड़ा मित्र आत्मविश्वास ही है जीवन का सबसे बड़ा शस्त्र समाधान ही है जीवन का सबसे अधिक सम्मान विशवास...

एक पल भी जिन्दगी का व्यर्थ क्यों जाये? हिंदी कविता 0

एक पल भी जिन्दगी का व्यर्थ क्यों जाये? हिंदी कविता

एक पल भी जिन्दगी का व्यर्थ क्यों जाये? सुन सको तो फिर सुनो संवेदना मेरी , कब तक तजोगे राह तुम अन्याय की ? आदमी हो ,आदमी का अर्थ तो जानो , जिन्दगी का...