Category: लेख

जानिये ! सावन में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी चूड़ियाँ 0

जानिये ! सावन में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी चूड़ियाँ

(सावन में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी चूड़ियाँ) सावन का महीना आते ही आपने महिलाओं को हरी-हरी चूड़ियाँ पहनते हुए देखा होगा, इतना ही नही इस पुरे महीने में महिलाएं ज्यादातर हरे कपडे ही...

भगवान यानी ब्रह्मांड का दिमाग क्या है What is God | How God Works Hindi 0

भगवान यानी ब्रह्मांड का दिमाग क्या है What is God | How God Works Hindi

भगवान यानि ब्रह्माण्ड का दिमाग क्या है… आखिर भगवान क्या है, आखिर भगवान कैसा दिखता है, वो कैसे काम करता है…ये सवाल आपमें से हर किसी के दिमाग में कभी न कभी आया ही...

श्रावण के पहले सोमवार घर लाएं इनमे से कोई एक वस्तु- होगी धनवर्षा 0

श्रावण के पहले सोमवार घर लाएं इनमे से कोई एक वस्तु- होगी धनवर्षा

28 जुलाई से शुरू हुआ सावन, श्रावण के पहले सोमवार घर लाएं इनमे से कोई एक वस्तु- होगी धनवर्षा… हिन्दू पंचाग के अनुसार 12 महीने में हर महीने का एक अलग महत्व है, लेकिन...

सोमवार व्रत का क्या महत्व है 0

सोमवार व्रत का क्या महत्व है

(सोमवार व्रत का क्या महत्व है) सोमवार के दिन जो व्रत रखा जाता है वो भगवान शिव को समर्पित है। भगवान शिव ज्ञान के लौकिक गुरु हैं और ब्रह्माण्ड की सभी बुराइयों के नाश...

दिव्यांगों को सहानुभूति नहीं, सहयोग की जरूरत है  Best Hindi Essay on Humanity 0

दिव्यांगों को सहानुभूति नहीं, सहयोग की जरूरत है Best Hindi Essay on Humanity

( सहानुभूति नहीं सहयोग चाहिए) जब कोई इंसान किसी तरह की शारीरिक अक्षमता से ग्रस्त होता है, तो उसकी यह पीड़ा केवल उसके शरीर तक सिमित नही रहती. हर रोज के छोटे-छोटे कार्य भी...

प्रदूषित पर्यावरण का प्रतिफल भोगने लगी है पृथ्वी 0

प्रदूषित पर्यावरण का प्रतिफल भोगने लगी है पृथ्वी

 प्रदूषित पर्यावरण का प्रतिफल भोगने लगी है पृथ्वी- धरती जल रही है, समुद्र, नदियां, झीलें, तालाब, प्रदूषित हो चुके हैं. जंगल रेगिस्तान में तब्दील हो रहे हैं, जंगलों के पशु-पक्षी ख़त्म हो रहे हैं....

तकनीकी उन्नति एक वरदान या समाज के लिए खतरा 1

तकनीकी उन्नति एक वरदान या समाज के लिए खतरा

( तकनीकी जीवन ) आज हम लोग तकनीक के जरिये यह समूची सभ्यता एकाएक सौकड़ों साल आगे पहुँच गए हैं. और आज पूरी दुनियां इसकी आश्रित हो गयी है, यह तकनीक ही अब हमारा...

पूरब की स्‍त्री गुलाम है – ओशो 0

पूरब की स्‍त्री गुलाम है – ओशो

पूरब की स्‍त्री गुलाम है। उसने कभी यह घोषणा ही नहीं की कि मेरे पास भी आत्मा है। वह चुपचाप पुरूष के पीछे चल पड़ती है। अगर राम को सीता को फेंक देना है...

नारी अबला नहीं सबला है Hindi essay on Nari 0

नारी अबला नहीं सबला है Hindi essay on Nari

नारी अबला नहीं सबला है- सदियों से जीवन के हर दौर में समाज की हर गतिविधि में स्त्रियों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है, और आज के प्रतिस्पर्धा युग में महिलाओं का पुरुषों के...