Beautiful Lines For Love in Hindi Ghazal

चुराया वक़्त तेरी ख़ातिर जिंदगी से
तू याद भी करता है मुझे ‘फुरसत’ से

कितनी रह गयी हूँ बाक़ी तेरे दिल में
तू हिसाब करके बताना मुझे सही से

जब पुकारा तुझे मसरूफ तू हो गया
हुया हर बार यही मेरे साथ इत्तफ़ाक़ से

कैसे समझेगा तू लफ़्ज़ में छुपे जज़्बात
दिल का काम भी तो लेता है तू दिमाग़ से

तुझसे की हर उम्मीद उधड़ गयी ज़ख़्म बन
हर ज़ख़्म को सीया फिर मैंने नयी उम्मीद से

दूरबीन लगा देखते रहे मँजिल की ओर
सफर बन जिंदगी गुज़र गयी क़रीब से

तेरे इंतजार की लग गयी है लत मुझे
आदत मेरी तोड़ दे तू मिल कर मुझ से

-मेजर (डा) शालिनी सिंह

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *