ॐ के नाद से स्वास्थ्य लाभ

ॐ आरोग्य का अमृत ,अध्यात्म का अनुष्ठान और ब्रहासाधना का बीज मंत्र है | यह पंच परमेष्टी का सार ,ब्रम्हा ,विष्णु और शंकर के आहान का घोतक और अतीन्द्रिय ऊर्जा से जोड़ने वाला सेतु है | 

ॐ बड़ा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद है इसके उच्चारण से पैदा होने वाली तरंगे हमे अनेक प्रकार के शारीरिक और मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है |

ॐ तीन अक्षरों से बना है – अ उ म – “ अ “ का अर्थ उत्पन्न करना | ‘ उ ‘ का अर्थ – ऊपर उठना और म का अर्थ – मौन हो जाना | माना जाता है सृष्टी के जन्म के समय सबसे पहले एक महाध्वनि का जन्म हुआ जिसे ॐ के रूप में जाना गया |

ॐ कार की साधना के तीन चरण है –  नाद ,जाप और ध्यान

नाद में हम ॐ कार की ध्वनि पर अपनी मानसिकता तरंगो को केंदित करते हुए लम्बे स्वर में उच्चारण करते है | जाप में हम लम्बी गहरी साँसे खींचते – छोड़ते हुए हर साँस के साथ हम ॐ का सुमिरन करते है | इससे एकाग्रता का विकास होता है | ध्यान में हम ॐ कार की ज्योति को ललाट पर साकार कर उसमे लीन होते है | इससे हमारे अंतर्मन के दोष कटते है, मन में दिव्यता और निर्मलता का संचार होता है |

अगर आप ॐ का उच्चारण किसी पिरामिड अथवा किसी मंदिर के गोल गुम्बज के नीचे बैठकर करते है तो इसकी तरंगो का घनत्व १० गुना अधिक बढ़ जाता है |

अब जानिये-  ॐ के नाद से स्वास्थ्य लाभ –

ॐ और पाचन – ॐ के उच्चारण से हमारी पाचन शक्ति तेज होती है , ॐ के उच्चारण से ठेठ नाभि से होता है | ॐ का उच्चारण करने से नाभि में जो अंदरूनी खिंचाव होता है उससे हमारी पाचन ग्रन्थियो पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है , जिसका पाचन तन्त्र दुलर्भ है उसे रोज ५ से १० मिनट तक ॐ का उच्चारण करना चाहिए |

ॐ और थकान – थकान से उबरने के लिए ॐ का उच्चारण करना संजीवनी की तरह है  ॐ का उच्चारण करने से हम बहुत ही जल्दी रिलेक्स हो जाते है |

ॐ और तनाव – ॐ शरीर के विषैले तत्वों को दूर करता है तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर इससे नियंत्रण होता है | ॐ का उच्चारण करने से शरीर तनाव रहित हो जाता है |

ॐ और रक्त प्रवाह –  यह ह्रदय और खून के प्रवाह को संतुलित रखता है , ॐ के उच्चारण से हमारे ब्लड प्रेशर में एक सहज संतुलन आने लगता है , जिससे बी .पी . से जुडी हुई हर बीमारी का लोड कम होता है |

ॐ और फेफड़े – लम्बी श्वास –प्रश्वास प्राणायाम के साथ ॐ का स्मरण करने से फेफड़ो में मजबूती आती है ह्रदय की दुर्बलता दूर होती है , भावनात्मक रूप से कमजोर लोग अगर ह्रदय में ॐ कार का ध्यान करते है तो इससे अंदरूनी शक्ति बढ़ जाती है |

ॐ और थायरायड – ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो हमारी थायराइड ग्रन्थि पर सकारात्मक प्रभाव डालती है |

ॐ और निद्रा – अनिद्रा रोग से पीड़ित लोग ॐ का नाद और ध्यान कर नींद न आने की समस्या दूर कर सकते है , रात को सोते समय नींद आने तक मन में ॐ का उच्चारण करने से आप सहज ही नींद में चले जायेंगे |

ॐ और मेरुदण्ड – ॐ का उच्चारण करने से पैदा होने वाली तरंगो से मेरुदण्ड प्रभावित होता है और उसकी नाडीयो ( ईडा, पिंगला और सुषुम्ना ) को उर्जावान बनाने में ॐ का नाद लाभदायक है |

ॐ और अध्यात्म –  ॐ का ध्यान करने से हमारे जीवन में अध्यात्म का द्वार खुल जाता है अपने अस्तित्व ,अपनी आत्मा की गहराई में उतरने का नाम ही अध्यात्म है | ॐ हमे अध्यात्म की गहराई में ले जाने में गोताखोर की तरह हमारी मदद करती है |

ॐ और मन – ॐ का उच्चारण करने से हमारे चंचल मन की तरंगो पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है | ॐ का ध्यान करने से हमारा मन और बुध्दि दोनो ही तेजोमय हो जाते है |

 

 

You may also like...

1 Response

  1. Shiv says:

    It's really very good information on this website , i would like to share this article .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *