चुप्पी Hindi Poem By Radha Thakur

चुप्पी

चुप्पी मान दिलाती है सम्मान दिलाती है ।

चुप्पी डर जैसी , खुदगर्ज होती है ।

चुप्पी गुस्से को पिघलाती मासुमियत-सी होती है ।

चुप्पी इन्साफ नहीं करती खौफनाक मंजर दिखलाती है ।

चुप्पी कभी अच्छी-सी , कभी बुरी-सी लगती है ।

हक़ पाने के लिए , चुप्पी तोड़नी पङती है ।

चुप्पी शांत ,सरल ,आग जैसी होती है…

” राधा ठाकुर “

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1 Response

  1. Bhavna says:

    It’s good and real thoughts

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